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विनायक चतुर्थी के दिन पूजा के समय सुनें ये व्रत कथा, सुखी रहेगा वैवाहिक जीवन!
Dharm Desk

विनायक चतुर्थी के दिन विघ्नहर्ता भगवान गणेश की पूजा और व्रत किया जाता है. इस दिन विधि-विधान से पूजा करनी चाहिए. साथ ही पूजा के समय व्रत कथा भी अवश्य पढ़नी या सुननी चाहिए. मान्यता है कि इस दिन व्रत कथा पढ़नने या सुनने से वैवाहिक जीवन खुशहाल बना रहता है.
हिंदू धर्म में चतुर्थी तिथि पर भगवान गणेश की पूजा और व्रत किया जाता है. हर माह की चतुर्थी तिथि संकष्टी चतुर्थी के रूप में मनाई जाती है. वहीं हर माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि विनायक चतुर्थी के रूप में मनाई जाती है. विनायक चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की पूजा और व्रत करने से जीवन के सभी विघ्न दूर हो जाते हैं. इस दिन पूजा के समय विनायक चतुर्थी की कथा भी अवश्य पढ़नी या सुननी चाहिए. ऐसा करने पूजा और व्रत का पूरा फल मिलता है. साथ ही वैवाहिक जीवन खुशहाल रहता है.
हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि की शुरुआत आज सुबह 5 बजकर 42 मिनट पर हो चुकी है. वहीं इस तिथि का समापन कल 2 अप्रैल को देर रात 2 बजकर 32 मिनट पर होगा. हिंदू धर्म उदया तिथि मान्य है. ऐसे में उदयातिथि के अनुसार, आज विनायक चतुर्थी है. इसका व्रत भी आज है.
विनायक चतुर्थी कथा
पौराणिक कथा के अनुसार, प्राचीन समय में एक धर्मनीष्ठ राजा राज किया करते थे. वो राजा बहुत आदर्शवादी और धर्मात्मा थे. उनके राज्य में एक विष्णु शर्मा नाम के ब्राह्मण थे. वो भी सज्जन और धर्मात्मा थे. वो सामान्य तरह से जीवन यापन करते थे. उनके सात पुत्र थे. विवाह के बाद सभी पुत्र अलग हो गए. विष्णु शर्मा भगवान गणेश के भक्त थे. वो हमेशा संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखा करते थे, लेकिन बुढ़ापे की अवस्था में उनके लिए गणेश चतुर्थी के व्रत का पालन करना मुश्किल हो रहा था. इसलिए उन्होंने सोचा कि क्यों न मेरे स्थान पर मेरी बहुएं इस व्रत को रखें.