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नाबालिग का शादीशुदा इश्क.... दूसरे युवक से दिल लगाया तो नाबालिग प्रेमी ने कर दी शादीशुदा प्रेमिका की हत्या
Satyakatha

चौदह साल के मनोज को दो बच्चों की मां सरिता ने इश्क के सारे पाठ पढ़ाने के बाद इस अनाड़ी को छोड़ गांव के खिलाड़ी युवक से नजदीकी बढ़ाने लगी थी। लेकिन उसे इस बात का इल्म नहीं था कि इससे नाराज होकर यह अनाड़ी उसकी हत्या भी कर सकता है।
23 मार्च की सुबह रायपुर के धरसींवा थाना प्रभारी को इलाके के गांव मोहदी के एक खेत में किसी महिला का नग्न शव पड़ा होने की सूचना मिली। मामले की गंभीरता को देखते हुए धरसींवा थाना प्रभारी घटना की सूचना सीएसपी पूर्णिमा लांबा को देखकर दलबल सहित मौके पर पहुंच गए।
लगभग 25-27 साल की युवती के शव के गले, स्तन, प्राइवेट पार्ट और शरीर के अन्य हिस्सों में गहरे घाव थे। शव के पास ही एक रक्त से सनी चम्मच पड़ी थी जिससे साफ था कि युवती की हत्या इसी चम्मच से की गई है। शव की शिनाख्त खोली थाना के खरोरा गांव निवासी सरिता (बदला नाम) के रूप में हुई जिसकी गुमशुदगी की शिकायत एक रोज पूर्व ही विधानसभा थाना में उसके पति ने दर्ज करवाई थी। पति के अनुसार सरिता 17 मार्च की रात से अचानक घर से गायब हुई थी। जिसके बाद दो-तीन दिन तक पति अपने स्तर पर उसकी तलाश करता रहा था।
शव की पीएम रिपोर्ट से साफ हो गया कि घटना से पहले मृतका के साथ बलात्कार किया गया है। मृतका के शरीर और गुप्तांग पर किसी गैर धारदार वाली वस्तु से बार किए गए थे जिससे पुलिस समझ गई कि सरिता की हत्या में चम्मच का उपयोग किया गया है।
पुलिस टीम ने सरिता के बारे में जानकारी जुटाई जिसमें पता चला कि सरिता की शादी 8 साल पहले फोकटपारा गांव में हुई थी। लेकिन शादी के बाद से ही उसका पति घर जवांई के रूप में खरोरा गांव में रह रहा था।
चूंकि 17 की रात में सरिता खुद अपनी मर्जी से घर से लापता हुई थी। इससे पुलिस का अनुमान था कि सरिता के संबंध किसी युवक से रहे होंगे। सरिता रात में उससे मिलने आई होगी तथा इसी दौरान किसी विवाद के कारण उसकी हत्या कर दी गई होगी। इसलिए जब इस ऐंगिल से गांव में जांच की तो पता चला कि सरिता के अवैध संबंध गांव के एक नाबालिग युवक मनोज (काल्पनिक नाम) के साथ थे। लेकिन नाबालिग युवक इस तरह सरिता की हत्या कर सकता है इस बात की संभावना कम ही थी।
लेकिन गांव में नाबालिग मनोज के साथ दो बच्चों की मां सरिता के प्रेम प्रसंग की चर्चा आम थी इसलिए पुलिस ने मनोज को बुलाकर उससे पूछताछ की जिसमें मनोज ने सरिता के साथ अपने किसी भी तरह के संबंध होने से मना किया। पुलिस ने भी उसे पूछताछ के बाद वापस जाने दिया। लेकिन दो दिन बाद जब पुलिस को जानकारी लगी कि मनोज पहले भी एक बलात्कार के मामले में आरोपी रह चुका है तब उसे कुछ दिन तब बालसुधार गृह में भी रखा गया था।
यह बात सामने आने पर पुलिस ने एक बार फिर मनोज को थाने बुलाकर उसे अपने सवालों में घेरा तो कुछ देर में वह टूट गया। उसने न केवल सरिता के साथ अपने अवैध रिश्ते की बात स्वीकार कर ली बल्कि यह भी बताया कि सरिता पिछले कुछ दिनों से गांव के एक दूसरे युवक से मिलने लगी थी। जिसके चलते उसने आरोपी से एकांत में मिलना कम कर दिया था। इसलिए जलन की भावना से आहत होकर उसने सरिता की हत्या की है। इस मामले में उसके दो दोस्त समीर निषाद और कोमल धीवर ने उसकी मदद की थी। इसलिए पुलिस ने इन दोनों को भी गिरफ्तार कर इनके पास से हत्या में प्रयुक्त मोटर साइकल बरामद कर दो को जेल और नाबालिग मनोज को बाल संप्रेषण गृह भेज दिया जिसके बाद यह कहानी इस प्रकार सामने आई।
खोली थाना सीमा के खरोरा गांव की सरिता किशोर उम्र में ही अपनी खूबसूरती और चंचल स्वभाव के लिए सब दूर चर्चा में रहने लगी थी। बताते हैं कि इसी दौरान गांव के एक दो युवकों ने उसकी मासूमियत का फायदा भी उठाया था। सरिता घर की अकेली बेटी थी इसलिए पिता ने जल्द ही उसकी शादी पास के एक गांव में कर दामाद को घर जंवाई के तौर पर रख लिया था।
शादी के बाद भी सरिता को मायका नहीं छूटा इसलिए वह गांव में बेटी की तरह ही घूमती रहती थी। कहना नहीं होगा कि शादी के बाद सरिता का रंगरूप और भी अधिक खिल जाने से उसके चाहने वाले पहले की तुलना में और भी ज्यादा हो चुके थे जिनमें एक था मनोज जिसकी उम्र केवल 14 साल की थी।
14 की उम्र में भी मनोज नारी संग की इच्छा लेकर गांव में मौके की तलाश में घूमने लगा था। जिसके चलते उसने एक रोज गांव की एक नाबालिग लड़की को सुनसान खेत में पकड़ कर उसके साथ बलात्कार कर डाला। लेकिन यह बात पुलिस तक पहुंची तो आरोपी के तौर पर मनोज को हिरासत में लिया गया लेकिन नाबालिग होने के चलते उसे जल्द ही जमानत मिल गई।
बलात्कार के बाद मनोज गांव वालों की खासकर महिलाओं और युवतियों की चर्चा का विषय बन गया। संयोग से मनोज के घर के पास ही बीस साल की एक युवती रहती थी। जब उसे मनोज की इस हरकत के बारे में पता चला तो उसने मनोज से दोस्ती कर उसके साथ संबंध बना लिए। इससे मनोज समझ गया कि औरतों को खुद भी इस बात की जरूरत होती है।
कोई साल भर बाद ही मनोज की उस बीस वर्षीय प्रेमिका की शादी तय होने पर जब मनोज ने प्रेमिका के सामने नाराजी जाहिर की तो उसने कहा कि नाराज न हो वह शादी होकर जाने से पहले उसके संबंध सरिता से बनवा देगी। दरअसल सरिता के साथ उस लड़की की दोस्ती ही नहीं थी बल्कि वह सरिता को मनोज के साथ अपने रिश्ते की बात भी बता चुकी थी।
इसलिए शादी से पहले उसने एक रोज सरिता को अपने घर बुलाकर उसे मनोज के साथ सूने कमरे में भेज दिया। सरिता मनोज से उम्र में लगभग दस साल बड़ी थी। एक बच्चे की मां भी बन चुकी थी लेकिन सरिता का संग मनोज को और इस लिटिल प्रेमी मनोज का संग सरिता के मन को भा गया।
इसके बाद मनोज और सरिता आए दिन गांव के बाहर एकांत में मिलने लगे। सरिता को मनोज जैसे अनाड़ी प्रेमी को प्यार के दौरान गाइड करना अच्छा लगता था। लेकिन कुछ ही समय के बाद गांव के कुछ लोगों ने मनोज और सरिता को आपस में बातचीत करते देख लिया। इसके खबर सरिता के पति को लगी तो उसने सरिता को मनोज से बात करने के लिए मना किया। दरअसल रेप केस के बाद मनोज गांव में बदनाम हो चुका था इसलिए सरिता का पति नहीं चाहता था कि उसकी पत्नी ऐसे बदनाम युवक से बात भी करे। जबकि यह सच तो केवल सरिता ही जानती थी कि वो मनोज केवल बात नहीं करती बल्कि उसके साथ अय्याशी भी करती है। फिर भी पति को आगे शक न हो इसलिए सरिता ने मनोज से मिलने-जुलने में सावधानी बरतना शुरू किया तो उसे जल्द ही इस बात का अहसास हो गया कि नादान युवकों से दोस्ती करना जी का जंजाल होता है। दरअसल एक तरफ जहां सरिता मनोज को संभल कर चलने को कह रही थी वहीं नादान और न समझ मनोज इस बात को समझने तैयार नहीं था उल्टे दिन रात अपनी प्रेमिका की एक झलक पाने के लिए उसके घर के आसपास मडऱाने लगा। यह देखकर सरिता डर गई इसलिए उसने मनोज की अनदेखी करना शुरू कर दिया।
इससे मनोज परेशान रहने लगा। संयोग से इसी बीच एक रोज उसने सरिता को गांव के एक युवक के साथ हंस-हंसकर बात करते देखा तो उसे लगा कि सरिता ने पहले पति को धोखा देकर मेरे साथ मस्ती की अब मुझे धोखा देकर इस नए प्रेमी के साथ मस्ती कर रही है। इसलिए उसने सरिता को सबक सिखाने की ठानने के बाद अपने दो दोस्त समीर और कोमल से बात की जिस पर दोनों इस शर्त पर उसका साथ देने राजी हो गए कि मनोज सरिता के संग उन्हें मस्ती करने देगा। इसके बाद मनोज ने सरिता को फोन कर रात में मिलने बुलाया। सरिता ने मना किया तो मनोज ने धमकी दी कि अगर वो नहीं आई तो वह रात में ही उसके घर आ जाएगा। यह सुनकर सरिता डर गई और 17 मार्च की रात में चुपचाप घर से निकलकर गांव के बाहर मनोज से मिलने पहुंच गई। जहां मनोज से उसे अपनी मोटर साइकल पर बैठने को कहा और जैसे ही सरिता बाइक पर बैठी पास में छुपकर बैठे समीर और कोमल भी मोटर साइकल पर आकर बैठ गए। जिसके बाद मनोज सरिता को लेकर मोहदी गांव के पास एक सुनसान खेत में पहुंचा। समीर और कोमल जिस तरह से मोटर साइकल पर पीछे बैठकर सरिता के साथ शारीरिक छेड़छाड़ कर रहे थे उससे सरिता समझ गई कि इस तीनों का इरादा ठीक नहीं है।
इसलिए सूने खेत में पहुंचकर जब मनोज ने सरिता से कपड़े उतारने को कहा तो उसने साफ मना कर दिया। मनोज ने जबरदस्ती उसके कपड़े उतारने की कोशिश की तो वह चीखने चिल्लाने लगी। जिससे जब मनोज को कुछ समझ नहीं आया तो उसने पास रखी चम्मच से ही उस बार करना शुरू कर दिया। इसी दौरान एक बार सीधे उसके दिल पर लगा जिससे सरिता की मौत हो गई।
तो तीनों दोस्त लाश को वहीं छोड़कर गांव वापस आ गए। मनोज को लगता था कि चूंकि लाश गांव से काफी दूर मिलेगी इसलिए पुलिस उस पर शक नहीं करेगी लेकिन पुराने पाप की कहानी सुनकर पुलिस का शक मनोज पर गहरा जाने से राज खुलकर बाहर आ गया।
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योजना थी बलात्कार की कर दी हत्या
बताया जाता है कि सरिता द्वारा बेरूखी दिखाने से नाराज मनोज अपने दो साथियों के साथ सरिता के संग गैंगरेप कर उसे सबक सिखाना चाहता था। लेकिन सरिता गांव के दो अन्य युवकों के सामने मनोज से संबंध बनाने राजी नहीं हुई तो मनोज ने गुस्से में आकर चम्मच की मदद से उसकी हत्या कर दी।
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पुलिस जांच भटकाने किया प्राइवेट पार्ट घायल
पुलिस इस मामले को बलात्कार के लिए हत्या का समझे इसलिए सरिता की मौत के बार शातिर नाबालिग ने न केवल सरिता के शरीर का निचला हिस्सा निर्वस्त्र कर दिया बल्कि उसके प्राइवेट पार्ट पर भी चम्मच से पच्चीसों बार हमला किया ताकि पुलिस सरिता की हत्या के मामले में उसके किसी नए प्रेमी को आरोपी समझ कर जांच में उलझी रहे।