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मोहन यादव के कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले, दोगुना हुआ वाहन, मकान समेत सभी भत्ता
BHOPAL, MP

मोहन सरकार की कैबिनेट ने कर्मचारियों को 7वें वेतनमान के हिसाब से मिलने वाले वेतनभत्तों का लाभ देने का निर्णय लिया है.
मध्य प्रदेश के कर्मचारियों को प्रदेश सरकार ने बड़ी राहत दी है. प्रदेश के कर्मचारियों को वाहन भत्ता और मकान भत्ते सहित दूसरे भत्तों में राशि बढ़कर मिलने जा रही है. कैबिनेट की बैठक में सरकारी कर्मचारियों को वर्तमान में मिलने वाले विभिन्न भत्तों के पुनरीक्षण की स्वीकृति दे दी है. इसके तहत कर्मचारियों को 7वें वेतनमान के हिसाब से वेतनभत्तों का लाभ मिलेगा. राज्य सरकार पर इससे हर साल 1500 करोड़ का अतिरिक्त भार आएगा.
मूल्य सूचकांक के आधार पर होगी वृद्धि
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के मुताबिक "प्रदेश में कर्मचारियों को अभी 6वें वेतनमान के हिसाब से भत्ते मिलते थे, लेकिन अब 7वें वेतनमान के हिसाब से भत्ते दिए जाएंगे. इसके तहत वाहन परिवहन भत्ता 200 रुपए से बढ़कर 384 रुपए मिलेगा. इसी तरह निशक्त कर्मचारियों को 350 के स्थान पर 671 रुपए मिलेंगे."
कर्मचारियों के सभी भत्तों में बढ़ोत्तरी
कर्मचारियों को दैनिक भत्ता, वाहन भत्ता, भोजन भत्ता, ठहरने की पात्रता, प्रदेश के बाहर यात्रा के दौरान स्थानीय परिवहन, स्थानांतरण पर घरेलू सामान के परिवहन और स्थानांतरण अनुदान, स्थायी यात्रा भत्ता में मूल्य सूचकांक के आधार पर वृद्धि की जाएगी.
स्पेशल अलाउंस भी स्वीकृत
इसके अलावा अतिरिक्त काम के लिए कर्मचारियों को दोहरा भत्ता दिया जाएगा. राज्य सरकार के डॉक्टर्स और मेडिकल टीचर्स के लिए दिए जाना वाला अव्यवसायिक भत्ता, सचिवालयीन भत्ता एवं मंत्रालयीन कर्मचारियों के लिए स्पेशल अलाउंस भी स्वीकृत किया गया है.
असमय मृत्यु होने पर मिलेगी अधिकतम सवा लाख की राशि
सरकारी कर्मचारी की असमय मृत्यु होने पर परिवार को मिलने वाला अनुग्रह अनुदान निर्धारित पात्रता का 2.57 गुणक के आधार पर दिया जाएगा. यह अधिकतकम 1 लाख 25 हजार रुपए तक होगा.
राज्य सरकार ने तय किया है कि मंत्रालय में संचालित वित्तीय प्रबंधन सूचना प्राणाली संचालनालय यानी एफएमआईएस और राज्य सत्कार अधिकारी कार्यालय में कार्यरत कर्मचारियों को भी मंत्रालय के अधिकारियों के बराबर मंत्रालय भत्ता दिया जाएगा.
छतरपुर का मंदिर पवित्र क्षेत्र घोषित
कैबिनेट की बैठक में छतरपुर जिले के लवकुशनगर में मौजूद माता बम्बरबैनी प्राचीन मंदिर को पवित्र स्थान घोषित कर दिया गया. राज्य सरकार ने मंदिर के खसरा क्रमांक 2157, 2158 के पहाड़ क्षेत्र को पवित्र क्षेत्र बनाने का निर्णय लिया है.