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वित्त वर्ष के पहले दिन हो गए जेब से जुड़े ये 20 बदलाव, आपकी जिंदगी पर पड़ेगा इतना असर
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एटीएफ से लेकर घर की रसाई गैस तक और यूपीआई से लेकर जीएसटी और क्रेडिट कार्ड तक कई बदलाव एक अप्रैल 2025 यानी आज से कई नए नियम और बदलाव लागू हो चुके हैं. हमने आपकी जेब से जुड़े करीब 20 ऐसे बदलाव तलाशे हैं, जो आपकी जिंदगी पर काफी असर डालेंगे. आइए आपको भी बताते हैं...
एक अप्रैल यानी वित्त वर्ष 2026 का आज पहला दिन है. जो कई मायनों में काफी अहम है. इस दिन से आपकी जेब से जुड़े कई अहम बदलाव हो जाते हैं. इस बार भी कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है. जहां एक ओर 12 लाख तक की कमाई पर कोई टैक्स लागू नहीं होगा. वहीं दूसरी टैक्स के नए स्लैब भी लागू हो गए हैं. एटीएफ से लेकर घर की रसाई गैस तक की कीमतों में बदलाव देखने को मिल चुका है. यूपीआई से लेकर जीएसटी और क्रेडिट कार्ड से जुड़े कई बदलाव एक अप्रैल से 2025 से लागू हो चुके हैं. हमने आपकी जेब से जुड़े करीब 20 ऐसे बदलाव तलाशे हैं, जो आपकी जिंदगी पर काफी असर डालेंगे. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर वो 20 बदलाव कौन से हैं…
घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में बदलाव
देश की राजधानी दिल्ली से लेकर मुंबई और चेन्नई तक यानी देश के सभी महानगरों में गैस सिलेंडर की कीमतों में कटौती देखने को मिली है. वास्तव में ये गिरावट कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में हुई है. सभी महानगरों में 40 रुपए से ज्यादा की गिरावट देखी गई है. जबकि पिछले महीने इसमें इजाफा देखने को मिला था. दूसरी ओर घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है. ये लगातार 11 महीना है जब घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव देखने को नहीं मिला है. आखिरी बार मार्च 2024 में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में कटौती देखने को मिली थी.
जेट फ्यूल हुआ सस्ता
कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम के साथ ऑयल कंपनियों कमर्शियल फ्लाइट्स में यूज होने वाले जेट फ्यूल की कीमतों में भारी कटौती की है. वैसे ये कटौती लगातार दूसरे महीने हुई है, लेकिन मार्च के महीने में कटौती काफी मामूली देखने को मिली थी. जहां दिल्ली में जेट फ्यूल के दाम 90 हजार रुपए प्रति किलोलीटर से नीचे आ गए हैं. वहीं दूसरी ओर मुंबई में इसकी कीमत 84 हजार किलोलीटर से कम हो गई हैं. सिर्फ कोलकाता और चेन्नई में एटीएफ के दाम में 90 हजार किलोलीटर से ज्यादा बने हुए हैं. वहीं इंटरनेशनल फ्लाइट्स के लिए भी जेट फ्यूल की कीमतों में 50 डॉलर प्रति किलोलीटर से ज्यादा की गिरावट देखी गई है. एयरलाइंस के लिए कमर्शियल फ्लाइट्स ऑपरेशंस की कुल कॉस्टिंग का 40 फीसदी से ज्यादा का हिस्सा फ्यूल में खर्च होता है. ऐसे में फ्यूल की कीमतों का असर फ्लाइट्स की टिकटों पर देखने को मिलता है, फिर चाहे वो डॉमेस्टिक हो या फिर इंटरनेशनल.
12 लाख तक की कमाई टैक्स फ्री
इस बार बजट 2025 में देश की वित्त मंत्री ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा था कि एक अप्रैल से 12 लाख तक की कमाई पर कोई टैक्स लागू नहीं होगा. इसके अलावा, सैलरी वाले लोग 75,000 रुपए के स्टैंडर्ड डिडक्शन के लिए भी एलिजिबल होंगे. इसका मतलब है कि 12.75 लाख तक की सालाना कमाई पर कोई टैक्स लागू नहीं होगा. लेकिन ये नियम न्यू टैक्स रिजीम को लेने वाले टैक्स पेयर्स पर ही लागू होगा.
न्यू टैक्स स्लैब्स हो गया लागू
वहीं दूसरी ओर एक अप्रैल से वित्त मंत्री द्वारा ऐलान किया गया न्यू टैक्स स्लैब भी लागू हो गया है. 0-4 लाख रुपए कोई टैक्स नहीं है. जबकि 4 लाख रुपए-8 लाख रुपए तक की सालाना कमाई पर 5 प्रतिशत टैक्स है. वहीं 8 लाख रुपए-12 लाख रुपए 10 फीसदी, 12 लाख रुपए-16 लाख रुपए पर 15 फीसदी, 16 लाख रुपए-20 लाख रुपए पर 20 प्रतिशत, 20 लाख रुपए-24 लाख रुपए तक 25 प्रतिशत और 24 लाख रुपए से अधिक की सालाना कमाई पर 30 प्रतिशत टैक्स लागू हो गया है.
यूलिप पर पूंजीगत लाभ के रूप में कर लगेगा
यूलिप पर टैक्स को लेकर आज यानी एक अप्रैल से एक अहम बदलाव देखने को मिला है. अब यदि कोई यूलिप पॉलिसी जिसका एनुअल प्रीमियम 2.5 लाख रुपए या इंश्योर्ड अमाउंट का 10 फीसदी से ज्यादा है, तो उस पर कैपिटल गेंस के रूप में टैक्स लगाया जाएगा.
यूपीएस नियमों में बदलाव
आज यानी एक अप्रैल से अगस्त 2024 में सरकार द्वारा शुरू की गई यूनीफाइड पेंशन योजना ने ओल्ड पेंशन स्कीम की जगह ले ली है. नई पेंशन योजना नियम परिवर्तन से लगभग 23 लाख केंद्र सरकार के कर्मचारी प्रभावित हो चुकी है. इसके तहत कम से कम 25 साल की सेवा वाले कर्मचारियों को उनके अंतिम 12 महीनों के औसत मूल वेतन के 50 फीसदी के बराबर पेंशन मिलेगी.
मिनिमम बैलेंस की जरुरत
देश के सबसे बड़े सरकारी बैंकों SBI, PNB और केनरा बैंक ने सेविंग अकाउंट में मिलिमम बैलेंस की लिमिट को बढ़ा दिया है. कोई अकाउंटहोल्डर तय लिमिट से कम बैलेंस रखता है तो उस पर फाइन लग सकता है. यह लिमिट अर्बन, सेमी अर्बन और इलाकों के बेस पर तय की गई है.
चेक और पॉजिटिव पे सिस्टम
आरबीआई ने 50 हजार रुपए से ज्यादा के चेक के लिए पॉजिटिव पे सिस्टम को मैंडेटरी कर दिया है. इस सिस्टम के तहत चेक जारी करने से पहले उसकी पूरी डिटेल बैंक को इलेक्ट्रॉनिकली देनी होगी, ताकि फ्रॉड की संभावना को कम किया जा सके.
क्रेडिट कार्ड रूल्स में हुए चेंज
SBI, IDFC फर्स्ट बैंक और एक्सिस बैंक ने आज यानी 1 अप्रैल से अपने क्रेडिट कार्ड रूल्स में बदलाव कर दिया है. नए रूल्स के तहत फीस, रिवॉर्ड पॉइंट्स और दूसरे बेनिफिट्स बदलाव हुआ है. कस्टमर्स को पहले से मिलने वाले ऑफर्स और कैशबैक में कटौती की गई है.
यूपीआई नियमों में हुआ बदलाव
नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) की सेफ्टी बढ़ाने के लिए कई गाइडलाइंस जारी किए थे. जिन्हें एक अप्रैल से लागू कर दिया गया हैऋ NPCI ने बैंकों और थर्ड-पार्टी UPI प्रोवाइडर्स (PhonePe, GooglePay) को UPI से जुड़े निष्क्रिय नंबरों को चरणबद्ध तरीके से हटाने के लिए गाइडलाइन निर्देश लागू करने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं क्योंकि वे सेफ्टी रिस्क पैदा करते हैं.
जीएसटी नियमों में बदलाव
1 अप्रैल यानी आज से जीएसटी नियमों में बदलाव हो गया हैऋ गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) पोर्टल पर अब मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (एमएफए) होगा, जिसे करदाताओं के लिए बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अनिवार्य बनाया गया है. ई-वे बिल (ईडब्ल्यूबी) केवल उन आधार दस्तावेजों के लिए बनाए जा सकेंगे जो 180 दिनों से अधिक पुराने नहीं हैं.
होम लोन नियमों में बदलाव
अगर आप घर खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो एक अप्रैल यानी आज से होम लोन से जुड़े नियमों में बदलाव हुआ है. अब होम लोन लेना काफी आसान हो जाएगा. RBI ने प्रायोरिटी सेक्टर लेंडिंग के नए नियम लागू कर दिए हैं, जो 2020 के पुराने नियमों की जगह लेंगे.
गाड़ियां महंगी होंगी
देश और विदेशी कार कंपनियों ने एक अप्रैल यानी आज से अपनी अपनी कारों की कीमतों में इजाफा कर दिया है. महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) अपनी SUV और कमर्शियल व्हीकल्स की कीमतों में 3 फीसदी की बढ़ोतरी की है. वहीं दूसरी ओर हुंडई और रेनॉ इंडिया ने भी 2-3 फीसदी कीमतों में इजाफा कर दिया है. BMW, मारुति सुजुकी, किआ और टाटा मोटर्स ने भी अपनी कीमतों में इजाफा कर दिया है.
विदेश में पैसा भेजने पर 10 लाख तक राहत
आज से उन लोगों को बड़ी राहत मिली है, जो विदेश में पढ़ रहे अपने बच्चों को 10 लाख रुपए तक भेज रहे थे. अब 1 अप्रैल 2025 से विदेश में 10 लाख रुपए तक भेजने पर कोई टीडीएस नहीं देना पड़ेगा. पहले, 7 लाख रुपए तक ट्रांसफर करने वा 5 फीसदी टैक्स देना पड़ता था.
किराए से कमाई पर 6 लाख तक की छूट
वहीं दूसरी ओर आज यानी एक अप्रैल से किराए से होने वाली कमाई पर छूट को 6 लाख रुपए तक कर दिया गया है. इसका मतलब है कि किराए से होने वाली 6 लाख रुपए तक की कमाई पर अब किसी को कोई टैक्स नहीं देना होगा.
टोल टैक्स में इजाफा लागू
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने एक अप्रैल से टोल टैक्स में इजाफा कर दिया है. इसके कई दिनों से कयास लगाए जा रहे थे. अब एनएचएआई ने देश के अलग-अलग नेशनल हाईवे और एकप्रेसवे पर अलग-अलग टोल टैक्स में बढ़ोतरी की गई है.
महाराष्ट्र में FASTag हुआ मैंडेटरी
वहीं देश के सबसे बड़े राज्यों में शुमार महाराष्ट्र में एक बड़ा बदलाव हुआ है. एक अप्रैल यानी आज से स्टेट के सभी व्हीकल पर FASTag को अनिवायर्स कर दिया है. अगर किसी व्हीकल पर FASTag नहीं हुआ और ड्राइवर कैश, कार्ड या यूपीआई के थ्रू टोल टैक्स देने का प्रयास करेगा तो उससे दोगुना चार्ज वसूल किया जाएगा. यह फैसला डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने और टोल पर भीड़ को कम करने के उद्देश्य से किया गया है.
यूपी में फिजिकल स्टांप पेपर बंद
आज यानी 1 अप्रैल से देश के सबसे बड़े राज्यों में से एक उत्तर प्रदेश में 10 हजार रुपए से लेकर 25 हजार तक के फिजिकल स्टांप पेपर को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है. इसका उद्देश्य डिजिटलाइजेशन को बढ़ावा देना है. इससे ट्रांसपेरेंसी भी सुनिश्चित होगी. फिजिकल स्टांप पेपर की जगह पर राज्य सरकार ई-स्टांपिंग सिस्टम को पूरी तरह से लागू कर दिया है.
डिजिलॉकर में अहम बदलाव
1 अप्रैल यानी आज से निवेशक अपने डीमैट अकाउंट होल्डिंग स्टेटमेंट और कंसोलिडेटिड अकाउंट स्टेटमेंट (CAS) को सीधे डिजिलॉकर में स्टोर कर पाएंगे. सेबी की इस पहल का उद्देश्य निवेश प्रबंधन को सरल बनाना और समय के साथ असेट्स को खोने या भूल जाने से रोकना है. डिजिलॉकर ऐप के भीतर, यूजर्स नॉमिनेटेड व्यक्तियों को नामित कर सकते हैं, जिन्हें यूजर्स की मृत्यु की स्थिति में केवल देखने की सुविधा होगी. जब डिजिलॉकर को सेबी-रेगुलेटिड केवाईसी रजिस्ट्रेशन एजेंसियों (केआरए) से यूजर्स की मृत्यु के बारे में जानकारी मिलेगी, तो यह नॉमिनेटेड व्यक्तियों को सूचित करेगा, जिससे उन्हें संबंधित वित्तीय संस्थानों के साथ ट्रांसमिशन प्रोसेस को शुरू करने की अनुमति मिलेगी.
म्यूचुअल फंड नियम में बदलाव
म्यूचुअल फंड नियम में भी एक अप्रैल यानी आज से एक अहम बदलाव देखने को मिला है. सेबी के नए नियमों के तहत, फंड हाउस को नए फंड ऑफर (एनएफओ) के माध्यम से जुटाए गए फंड को 30 कारोबारी दिनों के भीतर निवेश करना होगा. यदि कोई एसेट मैनेजमेंट कंपनी (एएमसी) इस अवधि के भीतर निवेश करने में विफल रहती है, तो वह निवेश समिति से अनुमोदन के साथ 30 दिनों के एकमुश्त विस्तार का अनुरोध कर सकती है. हालांकि, यदि 60 दिनों के भीतर कोई निवेश नहीं किया जाता है, तो एएमसी को नए निवेश को रोकना होगा और निवेशकों को बिना किसी दंड के बाहर निकलने की अनुमति देनी होगी.