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कांग्रेस की तुष्टिकरण की राजनीति का अंतिम संस्कार करेगा ये बिल… वक्फ विधेयक पर बोले अनुराग ठाकुर
JAGRAN DESK

लोकसभा में वक्फ (संशोधन) विधेयक-2025 पर चर्चा के दौरान भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस पर वक्फ संपत्तियों के दुरुपयोग और तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया. उन्होंने वक्फ बोर्ड को भ्रष्टाचार का अड्डा बताया और कहा कि यह विधेयक देश को संविधान के अनुसार चलाने में मदद करेगा.
लोकसभा में बुधवार को वक्फ (संशोधन) विधेयक-2025 पर चर्चा के दौरान बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि ये बिल कांग्रेस की तुष्टिकरण की राजनीति का अंतिम संस्कार करेगा. साथ ही ये तय करेगा कि देश संविधान के अनुसार ही चले. ठाकुर ने वक्फ बोर्ड को भ्रष्टाचार और अत्याचार का अड्डा करार देते हुए कहा कि अब इसे बदलने का समय आ गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने वक्फ संपत्तियों को अपने वोट बैंक के लिए एटीएम की तरह इस्तेमाल किया.
अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के भाषण पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, कांग्रेस नेता हाथ में संविधान की प्रति लेकर घूमते हैं लेकिन उनकी नीतियां संविधान के खिलाफ जाती हैं. बाबासाहेब आंबेडकर का सपना एक संविधान का था लेकिन कांग्रेस ने दो निशान बनाए. अब तय करना होगा कि संविधान के साथ रहना है या वक्फ के साथ. उन्होंने 1947 के भारत विभाजन का हवाला देते हुए कहा कि देश पहले ही धर्म के आधार पर विभाजन झेल चुका है और अब जमीन के नाम पर एक और विभाजन नहीं होने देंगे.
भ्रष्टाचार, धोखे और धार्मिक सामंतवाद के खिलाफ है ये बिल
उन्होंने कांग्रेस पर अनुच्छेद 370 के जरिए देश को बड़े जख्म देने का आरोप लगाया. भाजपा सांसद ने कहा कि ये बिल किसी धर्म के खिलाफ नहीं बल्कि भ्रष्टाचार, धोखे और धार्मिक सामंतवाद के खिलाफ है. जब तक मोदी प्रधानमंत्री रहेंगे, तुष्टिकरण की राजनीति नहीं चलेगी. उन्होंने कर्नाटक और उत्तर प्रदेश में कांग्रेस व समाजवादी पार्टी के शासनकाल में वक्फ संपत्तियों में हुए कथित घोटालों का भी जिक्र किया.
सरकार सभी समुदायों की जमीन पर नजर गड़ाए है: इमरान
अनुराग ठाकुर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष का नाम भी भ्रष्टाचार से जुड़ी खबरों में आया है. इससे पहले कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने सरकार पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि सरकार सिर्फ वक्फ ही नहीं बल्कि सभी समुदायों की जमीन और ट्रस्ट की संपत्तियों पर नजर गड़ाए हुए है. उन्होंने कहा कि इस विधेयक को बनाने में उन लोगों को शामिल किया गया, जिन्हें वक्फ का सही ज्ञान ही नहीं है.
ये भी पढ़ें- वक्फ में कोई गैर मुसलमान सदस्य नहीं होगा… लोकसभा में बोले केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह
गृह मंत्री अमित शाह ने क्या कहा?
वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में कहा कि वक्फ अरबी शब्द है. आज की भाषा में इसकी व्याख्या करें तो ये एक तरह का चैरिटेबल एंडोमेंट है. जहां तक भारत का सवाल है तो दिल्ली में सल्तनत काल के प्रारंभ में पहली बार वक्फ अस्तित्व में आया. बाद में चैरिटेबल प्रॉपर्टी एक्ट चला. आजादी के बाद 1954 में बदलाव किया गया. इसके बाद आगे चलकर वक्फ बोर्ड बना. वक्फ में कोई गैर इस्लामिक सदस्य आएगा ही नहीं.
अमित शाह ने वक्फ का इतिहास कुछ हदीसों से जुड़ा हुआ मिलता है और आजकल जिस अर्थ में वक्फ का प्रयोग किया जाता है, इसका अर्थ है अल्लाह के नाम पर संपत्ति का दान. पवित्र धार्मिक उद्देश्यों के लिए संपत्ति का दान. वक्फ का समकालीन अर्थ, इस्लाम के दूसरे खलीफा उमर के समय अस्तित्व में आया.